Devguradiya Temple Indore

देवगुरादिया मंदिर, इंदौर शहर से 8 किमी. दूर एक गांव में स्थित मंदिर है। इस गांव का नाम भी देवगुरादिया है। यह मंदिर काफी प्राचीन है जो भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर, चट्टानों से निर्मित एक स्‍मारक है जिसे 7 वीं शताब्‍दी में बनाया गया था। बाद में, इस मंदिर को अहिल्‍या बाई होलकर के द्वारा 18 वीं सदी में पुनर्निर्मित करवाया गया था। इस मंदिर को स्‍थानीय लोगों के बीच गरूड़ तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर की खास विशेषता यह है कि यहां का पानी का स्‍त्रोत गाय के खुले मुख के आकार का है जिसे गौमुख कहा जाता है।

मंदिर में रहता है नाग का जोड़ा
मंदिर में भगवान शिव के गण माने जाने वाले नाग का जोड़ा भी रहता है। कभी कुंड में तो कभी शिवालय में ये नाग-नागिन भक्तों दर्शन देते हैं। मान्यता है कि जिस भक्त को इनके दर्शन होते हैं उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

सोमवार का दिन क्यो विशेष है: नाग-नागिन का जोड़ा  इस मंदिर में हजारों साल से भगवान शिव की सेवा कर रहा है,
मन जाता है की भगवान शिव का एक हजार साल है,

हम आपको भगवान शिव के चमत्कारी मंदिर की सच्ची कहानी बता रहे है इसको पढ़कर आप भी भगवन शिव के दर्शन करने के लिए उत्साहित होंगे

 

स्वतः ही होता है अभिषेक
गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग के ऊपर एक गौमुख बना है। जिसमें प्राकृतिक रूप से जल आता है। जो कि महादेव का अभिषेक स्वतः ही होता है। यह जलाअभिषेक ही इस मंदिर के प्रति भक्तों की आस्था को दृढ़ करता है। यह जल पिंडी के ऊपर से गिरकर मंदिर के पास बने कुंड में गिरता है और यहां इकट्ठा हो जाता है। मान्यता है कि मंदिर के आसपास बने यह कुंड कभी सूखते नहीं हैं।

पुरानी गथवो में बताया जाता है कि यहां गरुड़  जी ने कठिन तपस्या की थी। इसके बाद यहां शिव  जी  प्रकट हुए थे और शिवलिंग के रूप में यहीं विराजमान हो गए। होलकर रियासत की देवी अहिल्या शिव भक्त थीं, उन्होंने 18 वीं सदी में इस प्राचीन शिव मंदिर को जीणोद्धर  करवाया था। मंदिर में दर्शन के लिए बहुत दूर दूर  से श्रद्धालु आते हैं।

यहां हर साल शिवरात्रि पर विशाल  मेला लगता है और लाखो की संख्या में लोग इस मेले का लूफ उठाने आते है,

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Address: Dudhia, Indore, Madhya Pradesh 452016
Opening & Closing: Monday – Friday: 6.00 AM – 9.00 PM
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