बिजासन माता मंदिर, इंदौर – इतिहास, दर्शन, और यात्रा गाइड
बिजासन माता मंदिर इंदौर का एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, जो हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहाँ देवी के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं इस मंदिर का इतिहास, विशेषताएं, दर्शन का समय और यात्रा की जानकारी।
मंदिर का प्राचीन इतिहासमंदिर की स्थापना
इस मंदिर का इतिहास लगभग 1000 साल पुराना माना जाता है। यह स्थान कभी काले हिरणों के जंगल के रूप में जाना जाता था और तंत्र-मंत्र की साधना के लिए प्रसिद्ध था। इसी कारण, यह जगह साधना करने वालो के लिए विशेष महत्व रखता था। माता पहले एक साधारण ओटले पर विराजित थीं।

मंदिर की स्थापना : यह मंदिर 1760 में महाराजा शिवाजीराव होलकर द्वारा बनवाया गया था। तब से लेकर आज तक, यह जगह भक्तों के लिए गहरी आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र रही है। यह स्थल एक खूबसूरत पहाड़ी पर स्थित है और इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर International Airport के बेहद करीब होने के कारण आसानी से पहुंचा जा सकता है।
मंदिर तक कैसे पहुंचें?
इंदौर के इस प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर तक पहुंचना बेहद आसान है। यह स्थान शहर से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, इसलिए आप सड़क मार्ग के जरिए अपनी निजी गाड़ी, टैक्सी या ऑटो से यहां पहुंच सकते हैं। पहाड़ी पर स्थित होने के कारण अंतिम दूरी आपको पैदल या सीढ़ियों के माध्यम से तय करनी पड़ती है।
यदि आप इंदौर के बाहर से आ रहे हैं, तो देवी अहिल्याबाई होल्कर इंटरनेशनल एयरपोर्ट या इंदौर रेलवे स्टेशन से टैक्सी लेकर सीधे मंदिर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
सामान्य दिनों में बिजासन माता मंदिर के खुलने(Open) और बंद(close) होने का टाइम
| Sunday | 5:30am–11pm |
| Monday | 5:30am–10:30pm |
| Tuesday | 5:30am–10:30pm |
| Wednesday | 5:30am–10:30pm |
| Thursday | 5:30am–10:30pm |
| Friday | 5:30am–10:30pm |
Address: Devi Ahillyabai Holkar Airport Area,
Indore, Madhya Pradesh 453112