Ratlam

रतलाम का इतिहास

रतलाम भारत के मध्य प्रदेश प्रान्त के मालवा क्षेत्र का एक जिला है। रतलाम शहर समुद्र सतह से १५७७ फीट कि ऊन्चाई पर स्थित है। रतलाम के पहले राजा महाराजा रतन सिंह थे। यह नगर सेव, सोना, सट्टा ,मावा तथा साडी तथा समोसा कचौरी के लिये प्रसिद्ध है।

रतलाम में कई उद्योग हैं जो तांबे के तार, प्लास्टिक रस्सियों, रसायनों और कृत्रिम ऑक्सीजन का निर्माण करते हैं। रतलाम गोल्ड, रतलामसी सेव, रतलाम साड़ी बहुत प्रसिद्ध है। रतलाम के पास पांच शॉपिंग मॉल पकीजा, विशाल मेगा मार्ट, डी-मार्ट, चौपाल सागर, सरवनंद बाज़ार और कई ब्रांडेड शोरूम हैं। रतलाम शहर में कई सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स हैं।

रतलाम में कई अंग्रेजी और हिंदी माध्यमों के स्कूलों के साथ उचित स्कूल स्तर की शिक्षा है। शहर में तीन सरकारी स्कूल और कलुखेड़ा गांव के पास स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय है, जो रतलाम से 35 किलोमीटर दूर है, सभ्य अंग्रेजी और हिंदी माध्यम शिक्षा के लिए और गुणवत्ता वाले अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के साथ कई निजी स्कूल हैं। रतलाम से 30 किलोमीटर दूर बदनावर इंदौर रोड पर कवलका माताजी का अति प्राचीन पांडवकालीन पहाड़ी पर स्थित मन्दिर है।

शहर में वाणिज्य, विज्ञान और कला में तीन सरकारी कॉलेज हैं। शहर में एक होम्योपैथिक कॉलेज, दो इंजीनियरिंग कॉलेज भी हैं।