Dewas

देवास सिटी भारत के मध्य प्रदेश का एक बहुत ही सुन्दर शहर है। यहाँ पर माँ दुर्गा के मंदिर है , इंदौर से देवास की दुरी लगभग 35 किलोमीटर होगी । देवास में माता जी के एक भव्य मंदिर है, माता के मंदिर को देवास टेकरी के नाम से जाना जाता है , माता के मंदिर पहाड़ी पर है , यहाँ पर 2 मताये है छोटी माता और बड़ी माता के मंदिर, दोनों माताओ के अपना-अपना महत्व है , जब भी कोई श्रद्धलु माता के दर्शन करने जाता है तो वो दोनों माताओ के दर्शन करता है , मंदिर में चढ़ाने के लिए प्रशाद आपको मंदिर के बहार से मिल जाता है , यदि अपने प्रशाद मंदिर के बहार से नहीं लिया तो कोई बात नहीं मंदिर के अंदर भी आप प्रशाद ले सकते हो , छोटी माता और बड़ी माता दोनों जगह प्रसाद अलग-अलग चढ़ाया जाता है , जब भी आप प्रसाद लेते है तो आपको 2 अलग पैकेट में प्रसाद दिया जाता है , आप कोई सा भी प्रसाद किसी भी माता को चढ़ा सकते हो ,दोनों में प्रसाद एक जैसा ही होता है , माता के प्रसाद आपको लगभग 100 से 150 रुपए के लगभग मिल जाता है |

माता के मंदिर में बहार ही 2 वीलर और 4 वीलर पार्किंग की व्यवस्था है , आप चाहे तो जहा से आपने प्रसाद लिया है आप वह पर भी अपनी गाड़ी पार्क कर सकते है

माता के दर्शन करने के लिए लोग बहुत दूर दूर से आते है , लगो की माता पर बहुत ही श्रद्धा और विश्वास है , कहा जाता है की सच्चे मन से जो भी भक्त यहाँ कुछ ही मांगता है ,माता उसकी मनोकाना पूरी करती है

नवरात्री के दिन माता के मंदिर में बहुत भीड़ रहती है , नवरात्री के दिनों में माता के दर्शन करने के लिए लाखो की संख्या में लोग आते है ,
यदि आप नवरात्री में जाते है तो आप को माता के धाम बहुत ही निराला लगेगा , माता के दर्शन के लिए लोग 4 से 5 घंटे लाइन में लगते है , मंदिर में आने वाले भक्तो का विशेष ध्यान रखा जाता है, पुलिस वयवस्था भी बहुत अच्छी होती है ताकि यात्री को कोई परेशानी न हो, जगह जगह पर पानी की वयवस्था होती है और भक्तो के लिए फ़रयाली खिचड़ी की भी फ्री में वयवस्था होती है

देवास माताजी(देवास टेकरी) में नो दुर्गा के समय भक्तगण की लगी कतार,
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देवास की जानकारी :
देवास एक प्राचीन शहर है जो की M P के मालवा क्षेत्र में स्थित देवास जिले का मुख्यालय है। देवास मध्य प्रदेश की प्रशासनिक राजधानी भोपाल से करीब 160 किलोमीटर तथा व्यावसायिक राजधानी इंदौर से मात्र 35 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है।

देवास दो शब्दों से मिलकर बना है ‘देव’ तथा ‘वास’ , इसमें देव शब्द का अर्थ है देवता और वास शब्द का अर्थ है रहना यदि इन दोनों शब्दों को जोड़ दिया जाये तो इनसे मिलकर बनेगा ऐसा शहर जहाँ देवों का वास हो। यहाँ धार्मिक, साहित्यिक, साहित्यिक, संस्कृतिक तथा ऐतिहासिक द्रष्टि से एक महत्वपूर्ण शहर है।
यहाँ पर भारत सरकार की नोट प्रेस की एक बहुत बड़ा कारखाना है, जो देवास में बहुत प्रसिद्ध है इस कारखाने में बहुत उच्च गुणवत्ता के बैंक नोट छपते हैं ।
देवास मुख्य रूप से देवास माता तुलजा भवानी और चामुंडा माता के मंदिर के लिए पुरे भारत भर में प्रसिद्ध है ।