Bhopal

भोपाल का इतिहास

भोपाल भारत देश में मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी है और भोपाल ज़िले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है। भोपाल को झीलों की नगरी भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ कई छोटे-बडे तालाब हैं। भोपाल में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) का एक कारखाना है। हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र ने अपना दूसरा ‘मास्टर कंट्रोल फ़ैसिलटी’ स्थापित की है। भोपाल मे ही भारतीय वन प्रबंधन संस्थान भी है जो भारत में वन प्रबंधन का एकमात्र संस्थान है।

यहां का छोटा तालाब, बडा तालाब, भीम बैठका, अभयारण्य तथा भारत भवन देखने योग्य हैं| भोपाल के पास स्थित सांची का स्तूप भी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र है। भोपाल से लगभग २८ किलोमीटर दूर स्थित भोजपुर मन्दिर एक एतिहासिक दर्शनिय स्थल है।

लक्ष्मीनारायण मंदिर
भोपाल में स्थित बिरला मंदिर, देवी लक्ष्‍मी और उनके पति भगवान विष्‍णु को समर्पित है। यह मंदिर पहाडियों की चोटी पर बना हुआ है और भोपाल जिले के सबसे उच्‍चतम बिंदु पर स्थित मंदिर है। यह मंदिर एक पहाड़ी इलाके में स्थित है, लेकिन मंदिर को जाने वाला रास्‍ता काफी अच्‍छी तरीके से बनाया गया है और इसकी चढ़ाई भी आसान है। मंदिर पहुंचकर पूरे शहर के नजारे को देखा जा सकता है। मंदिर के अंदर भगवान विष्‍णु और देवी लक्ष्‍मी को समर्पित मूर्तियां स्‍थापित है जो काफी खूबसूरत है। इसके अलावा, मंदिर में भगवान शिव और देवी पार्वती का मंदिर भी स्थित है। इस मंदिर में प्रतिदिन भारी संख्‍या में भक्‍त दर्शन करने आते है।

मोती मस्जिद
मोती मस्जिद, भोपाल के इतिहास में एक महत्‍वपूर्ण वास्‍तुकला का मील का पत्‍थर है और सबसे ज्‍यादा यह भारत की मुस्लिम महिलाओं के इतिहास में महत्‍वपूर्ण है। इस मस्जिद के निर्माण का आदेश महिला मुस्लिम शासक सिंकदर बेगम ने 1860 में दिया था। वह काफी पढ़ी – लिखी महिला थी जो उस जमाने के हिसाब से आधुनिक थी। उनकी चेतना का स्‍तर काफी ऊंचा था।

निर्माण और वास्‍तुकला की दृष्टि से मोती मस्जिद, दिल्‍ली की जामा मस्जिद से काफी मिलती जुलती है लेकिन आकार में तीन गुना छोटी है। छोटे आकर के होने के बावजूद, मोती मस्जिद में हर साल हजारों पर्यटक भ्रमण के लिए आते है क्‍योंकि इसकी वास्‍तुकला बेहद सुंदर और खास है।

ताज – उल – मस्जिद
भोपाल में ताज – उल – मस्जिद शहर में मुस्लिमों के लिए महत्‍वपूर्ण स्‍थान है और एक प्रमुख लैंडमार्क भी है। यह मस्जिद पूरे देश की सबसे सुंदर मस्जिदों में से एक है और बड़ी भी है। इस मस्जिद की संरचना बेहद खूबसूरत और भव्‍य है। इस मस्जिद के नाम का शाब्दिक अर्थ होता है – “मस्जिदों का ताज” और यह ठीक भी है। यह मस्जिद गुलाबी रंग से रंगी हुई है और इसकी गुम्‍बदे सफेद रंग की है। इस मस्जिद में एक बड़ा सा हॉल है जिसमें कई नक्‍काशीदार खंभे खड़े हुए है, यह सभी संगमरमर के है। मस्जिद के परिसर में एक बड़ा सा आंगन है जहां थके – हारे यात्री विश्राम कर सकते है और कड़ी चिलचिलाती धूप से आराम पा सकते है।

भारत भवन
भारत भवन एक बहु कला केंद्र है जो भोपाल में कला सम्‍बंधी मौखिक, प्रर्दशन और दृश्‍य कला को पूरा करता है और इसे शहर का कला केंद्र माना जाता है। यहां तक कि अगर आप कला के प्रदर्शन को लेकर उत्‍सुक नहीं होते है या फिर उस बारे में कोई समझ नहीं रखते है फिर भी यहां की उत्‍कृष्‍टता और अद्वितीय डिजाइन आपको आकर्षित करेगी। इस इमारत को इसके चारों तरफ लैंडस्‍कैप के साथ सिंक करके डिजायन किया गया है जिससे यह देखने में काफी बड़े स्‍थल वाला लगता है। प्रत्‍येक साल, भारत भवन में भारी संख्‍या में पर्यटक आते है, यह काफी प्रचलित गंतव्‍य स्‍थल है।

बिरला संग्रहालय
बिरला मंदिर, भोपाल पर्यटन की एक और झलक है जिसे यह ध्‍यान में रखकर बनाया गया था कि इसे मध्‍यप्रदेश की सांस्‍कृतिक विरासत के रूप में जाना जाएं। इस संग्रहालय में कई प्रकार की कला और कला सामग्री है जो पर्यटकों को राज्‍य के इतिहास के बारे में जानकारी प्रदान करते है।

भोपाल में इस तरह का अकेला संग्रहालय यही है और यह राज्‍य का प्रमुख पर्यटन स्‍थल भी है। इस संग्रहालय में भोपाल की आदिम काल और मध्‍यकाल की कई वस्‍तुओं को प्रदर्शित किया गया है। इतिहास प्रेमी, यहां आकर पुरापाषाण काल और नव पाषाण काल के कई उपकरणों को देखने के लिए उत्‍साहित रहते है।इस संग्रहालय में कई मूर्तियों को भी रखा गया है जो 7 वीं और 13 वीं सदी के बीच की हैं।

अपर लेक या बड़ा तालाब
भोपाल की यह विशालकाय जल संरचना अंग्रेजी में “अपर लेक” कहते हैं इसी को हिन्दी में “बड़ा तालाब” कहा जाता है। यह एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील भी कहा जाता है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के पश्चिमी हिस्से में स्थित यह तालाब भोपाल के निवासियों के पीने के पानी का सबसे मुख्य स्रोत है। यह झील 11 वीं सदी की है और इसे स्‍थानीय स्‍तर पर बड़ा तालाब के नाम से पुकारा जाता है। यह झील, कोलन्‍स नदी पर बने एक विशाल बांध के पास में ही स्थित है और इसे भारत की सबसे सुंदर झीलों में से एक माना जाता है।

वन विहार
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भारत के मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी भोपाल में एक राष्ट्रीय उद्यान है। राष्ट्रीय उद्यान (नेशनल पार्क) का नाम सुनते ही आँखों के सामने दूर तक फैला घना जंगल और खुले घूमते जंगली जानवरों का दृश्य उभर आता है। यह पार्क 445 हेक्‍टेयर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसे ऐसी जगह बनाया गया है जहां से पूरा शहर साफ दिखाई देता है। यह स्‍थल, भोपाल आने वाले पर्यटकों के बीच विख्‍यात जगह है, हर साल हजारों पर्यटक यहां की सैर के लिए आते है।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (IGRMS) भोपाल स्थित एक मानवविज्ञान संग्रहालय है। इसका उद्देश्य भारत के विशेष सन्दर्भ में मानव तथा संस्कृति के विकास के इतिहास को प्रदर्शित करना है। यह भारत ही नहीं अपितु एशिया में मानव जीवन को लेकर बनाया गया विशालतम संग्रहालय है। इसमें भारतीय प्ररिप्रेक्ष्य में मानव जीवन के कालक्रम को दिखाया गया है। इस संग्रहालय में भारत के विभिन्‍न राज्यों की जनजातीय संस्‍कृति की झलक देखी जा सकती है। यह संग्रहालय जिस स्‍थान पर बना है, उसे प्रागैतिहासिक काल से संबंधित माना जाता है।

शिक्षा

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय: राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) भारत के मध्य प्रदेश राज्य में स्थित प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय है।

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय : बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश का एक प्रमुख विश्वविद्यालय है, जो भोपाल में स्थित है। भोपाल के स्‍वतंत्रता सेनानी प्रो॰ बरकतउल्लाह के नाम पर इस विश्वविद्यालय का नामकरण किया गया था। राज्‍य सरकार द्वारा वित्तपोषित इस विश्वविद्यालय से भोपाल के अतिरिक्‍त सात अन्‍य जिलों सीहोर, विदिशा, रायसेन, हरदा, होशंगाबाद, राजगढ़ और बेतूल के कॉलेज संबद्ध हैं।